भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा चरणबद्ध आंदोलन…!


शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पर्याप्त नहीं!
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से हम संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का असली जिम्मेदार आज भी पर्दे के पीछे छिपा हुआ है।
यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे का सवाल नहीं है। यह देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का सवाल है।
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा एवं भारत मुक्ति मोर्चा इस पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं। इस घोटाले के पीछे जो भी वास्तविक जिम्मेदार लोग हैं, उन्हें बेनकाब किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रमुख आंदोलन की मांगें
1. EVM के माध्यम से होने वाले चुनावों पर रोक लगाकर चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएं।
2. NEET परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर AIIMs के निगरानी में परीक्षा प्रणाली बनाई जाए।
3. जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं और जंतर मंतर के आंदोलन में छात्राओं आंदोलनकारियों पर हुए अन्याय, अत्याचार (दुष्कर्म, दुराचार) करने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जाए।
4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं, क्योंकि इससे शिक्षा के निजीकरण, स्कूलों के बंद होने तथा ड्रॉपआउट जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
5. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग/ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा परीक्षा संचालन के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए।
6. NEET, SSC (CGL) सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
7. वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
8. केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी विभागों में वर्षों से रिक्त पड़े पदों पर तत्काल नियमित भर्ती की जाए।
9. छात्राओं के साथ हो रहे शोषण, अन्याय पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
10. देश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू की जाए तथा सभी छात्रों के लिए समान एवं न्यायसंगत शुल्क (फीस) नीति बनाई जाए।
11. अलाहाबाद यूनिवर्सिटी जो उत्तर प्रदेश मे है उस यूनिवर्सिटी मे UG, Pg के courses के 52% seats redused कर दिया